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अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
 
 

पुस्तक निर्माण के समय लेखक अकसर भ्रमित हो जाते हैं

पुस्तक निर्माण की प्रक्रिया के दौरान लेखक अकसर भ्रमित हो जाते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि पाठक पुस्तक पढ़ते क्यों हैं। यह सच है कि कोई भी पुस्तक सफलताओं की सीढ़ियां अपनी रचनाओं के बलबूते ही चढ़ती है किंतु यह भी सत्य है कि रचनाओं तक पाठकों को आकर्षित करने के लिए अन्य पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। अन्य पहलुओं में पुस्तक की साज-सज्जा और शीर्षक आते हैं। यदि हम रचनाओं की बात करें तो रचनाओं का स्तर लेखक का व्यक्तित्व और उसका अनुभव निर्धारित करता है किंतु उसकी वर्तनी और व्याकरण संबंधी त्रुटियों के शोधन के लिए विशेषज्ञ अर्थात संपादक की आवश्यकता होती है। विडंबना यह है कि 100 में से 99 लेखक इसकी पूर्ण रूप से उपेक्षा कर देते हैं। वे पुस्तक की साज-सज्जा और मार्केटिंग पर एक अच्छी-खासी राशि खर्च करने से नहीं हिचकिचाते किंतु जब संपादकीय खर्च की बात आती है तो वे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी खुद ले लेते हैं जिसका परिणाम होता है अशुद्धियों से भरपूर पुस्तक। यह ठीक ऐसे ही है जैसे आपका पसंदीदा भोजन किसी गंदी-सी प्लेट में परोस दिया जाए। अब बात करते हैं अन्य पहलुओं की, जिसमें पुस्तक की साज-सज्जा और शीर्...

सम्मान की घोषणा: 'माह की लोकप्रिय पुस्तक' एवं 'वर्ष की लोकप्रिय पुस्तक'

वर्जिन साहित्यपीठ सेल रिपोर्ट के आधार पर हर महीने 'माह की लोकप्रिय पुस्तक' की घोषणा करेगी। लोकप्रिय पुस्तक के लेखक को 51 रुपये के साथ प्रमाण पत्र सम्मानस्वरूप प्रदान किया जाएगा।  वर्ष के अंत में 'वर्ष की लोकप्रिय पुस्तक' की भी घोषणा की जाएगी। पुस्तक के लेखक को 501 रुपये के साथ प्रमाण पत्र सम्मानस्वरूप प्रदान किया जाएगा। सम्मान राशि को समय के साथ बढ़ाया जाएगा। शंका अथवा जिज्ञासा हेतु सम्पर्क कीजिए: वर्जिन साहित्यपीठ 9971275250