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प्रेम करने वाली औरतें

पूजा कश्यप


प्रेम करने वाली औरतें
दुनिया की सबसे
डरपोक जीव होती हैं,
अपने हिस्से आये गहरे नील
वो उतार देती हैं
रात बन्द कमरे में
सिरहानो पर
अपनी आँख की सारी लालिमा
उड़ेंल देती हैं सुबह
सूर्य को अर्ध्य देते हुए
उनकी नस्ल को ईश्वर ने
नही दी कोई मेरुदण्ड
वो आसमान नहीं देखतीं
उनकी दुनिया का
हर छोटा टुकड़ा
होता है किसीं के
पाँव की जमीन
प्रेम करने वाली औरतें
हो जाती हैं गूँगी
वो कहना नही जानती
अपने प्रेम की पीड़ा।

टिप्पणियाँ

  1. nice poem...However, it was long before when such ladies existed in the society. Development in all fields has catapulted ideology to a appreciable place. I can proudly say now such loving ladies are rare.

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