तुम्हारी पोस्ट देख लिया करता हूँ
मैं फिर से उमंगें भर लिया करता हूँ
एक-एक शब्द में डूब जाता हूँ
तुम्हारी यात्रा पर मैं अकसर निकल लिया करता हूँ
तुम्हें सुनने का जब जब मन करता है
अपनी धड़कनों को सुन लिया करता हूँ
लाइक करूँ तो तुम्हारा स्पर्श महसूस होता है
दिल छूता हूँ तो मुस्कुरा लिया करता हूँ
मुझे नहीं निकलना है तुम्हारे लॉकडाउन से कभी
मैं हर बार लॉकडाउन बढ़ा लिया करता हूँ
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें