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लॉकडाउन (ललित मिश्र)

तुम्हारी पोस्ट देख लिया करता हूँ
मैं फिर से उमंगें भर लिया करता हूँ

एक-एक शब्द में डूब जाता हूँ
तुम्हारी यात्रा पर मैं अकसर निकल लिया करता हूँ

तुम्हें सुनने का जब जब मन करता है
अपनी धड़कनों को सुन लिया करता हूँ

लाइक करूँ तो तुम्हारा स्पर्श महसूस होता है
दिल छूता हूँ तो मुस्कुरा लिया करता हूँ

मुझे नहीं निकलना है तुम्हारे लॉकडाउन से कभी
मैं हर बार लॉकडाउन बढ़ा लिया करता हूँ

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१. कुत्ता कुत्ते -------------------------- नन्ही पिंकी को ट्यूशन पर हमेशा दादी जी या मम्मी ही छोड़ने जाती थीं| लेकिन आज दोनों ही घर पर नहीं थीं| ट्यूशन का टाइम हुआ तो पिंकी ने अपना बस्ता उठाया और ट्यूशन के लिए निकल ली| झबरु ने उसे जाता देखा तो दबे पाँव उसके पीछे-पीछे हो लिया| रास्ते में कुछ लालची निगाहों ने देखा कि पिंकी आज अकेली ही चली आ रही है। लेकिन वे नज़रें झबरू को नहीं देख सकी। पिंकी अपनी मस्ती में चल रही थी इसलिए उसको भी पता नहीं चला कि उसके पीछे कौन आ रहा है, कौन नहीं| पिंकी ट्यूशन सैंटर के अंदर पहुँची तो झबरु भी वापिस घर की तरफ हो लिया, क्यूंकि घर पर कोई था नहीं| ट्यूटर ने आज दस मिनिट पहले ही क्लास खत्म कर दी| पिंकी अपने घर की तरफ निकली तो वे भूखी-लालची निगाहें अपनी दो टाँगों के सहारे उसके पीछे लग गयी। जैसे ही उन्होंने गलत इरादे से पिंकी पर हाथ डालने की कोशिश की तभी दूर से भौंकता/दौड़ता हुआ झबरु उन्हें पिंकी की तरफ आता दिखाई पड़ा। अपने प्रति किसी अनहोनी की आशंका से उस वक्त उन्होंने अपनी जान बचाकर भागने में ही भलाई समझी| २. तारों की छाँव ------------------...