सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लिखिए और कमाइए!


नमस्कार मित्रवर! सार्थक लेखन हेतु सभी को शुभकामनाएँ। आज से हम इस योजना को लागू करने जा रहे हैं। आप किसी भी विधा में लिख सकते हैं।

आपको न्यूनतम 1000 अंक अर्जित करने होंगे। अंकों का विवरण इस प्रकार है:

रचना को तीन तरह से पसंद किया जाता है। पहला, उसे पढ़ा जाता है। दूसरा, उसपर प्रतिक्रिया अथवा टिप्पणी दी जाती है और तीसरा, उसे शेयर किया जाता है। इन्हें ध्यान में रखते हुए ही इनके अंक निर्धारित गए हैं।

1. रचना पढ़े जाने पर: 0.5 अंक

2. रचना पर की गई टिप्पणी: 1 अंक

3. रचना शेयर होने पर: 2 अंक

रचना पढ़े जाने से आप अधिकतम 850 अंक अर्जित कर सकते हैं। शेष 150 अंक आपको अन्य दोनों माध्यमों से अर्जित करने होंगे।

1000 अंक अर्जित करने पर आपके पास दो विकल्प रहेंगे:

आपको 500 रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

अथवा

किन्हीं तीन रचनाओं में एक-एक हज़ार अंक अर्जित करने पर आपकी कोई भी एक पुस्तक वर्जिन साहित्यपीठ द्वारा प्रकाशित की जाएगी। यह पुस्तक ईबुक और प्रिंट रूपों में प्रकाशित की जाएगी और एक लेखकीय प्रति लेखक को प्रदान की जाएगी। प्रिंट पुस्तक भी ऑनलाइन रहेगी जिसकी प्रतियाँ आप या पाठक कभी भी ऑनलाइन आर्डर कर सकेंगे।

यह योजना 31 अक्टूबर 2019 तक मान्य रहेगी। 31 अक्टूबर को सभी रचनाओं के अंक शेयर किए जाएँगे और परिणाम की घोषणा की जाएगी। तत्पश्चात नई योजना अथवा इसी योजना को आगे जारी रखा जा सकता है।


रचनाएँ virginsahityapeeth@gmail.com पर भेजें। सब्जेक्ट में प्रतियोगिता 500 हेतु अवश्य लिखें। सभी रचनाएँ वर्जिन साहित्यपीठ के प्रतियोगिता सेक्शन में प्रकाशित की जाएँगी।

(कृपया ध्यान दीजिए: अधिक अशुद्धियाँ होने पर रचना अस्वीकृत की जा सकती है। और हाँ, ब्लॉग को सब्सक्राइब और फॉलो अवश्य कीजिए ताकि आप किसी महत्वपूर्ण अपडेट से वंचित न रह जाएँ।)

शुभकामनाएँ

अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क कीजिए:

वर्जिन साहित्यपीठ
9971275250

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

चर्चित रचनाएँ

लघुकथा मंजूषा 5 - चयनित लघुकथाकारों की सूची

वर्जिन साहित्यपीठ सभी लेखक मित्रों का आभारी है कि उन्होंने लघुकथा मंजूषा 5 हेतु अपनी लघुकथाएँ भेजकर इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमाओं के चलते सभी लघुकथाएं इसमें शामिल नहीं हो पाई हैं, जिसका हमें खेद है। चयनित लघुकथाकारों की सूची इस प्रकार है: उपेंद्र सिंह भारती कुमारी डॉ प्रदीप उपाध्याय अर्चना राय लक्ष्मी मित्तल नीलम पारीक सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा सुषमा सिंह चुंडावत राजकुमार कान्दू अंजना छलोत्रे मीना सूद मृणाल आशुतोष ममता शुक्ला हरदीप सबरवाल कनक हरलालका डॉ चंद्रेश कुमार छतलानी विजयानन्द विजय सुषमा तिवारी सतीश राठी ललित मिश्र मंजू शर्मा अन्य अपडेट हेतु ब्लॉग को सब्सक्राइब अवश्य कीजिए। किसी भी जिज्ञासा अथवा शंका समाधान हेतु संपर्क कीजिए वर्जिन साहित्यपीठ 9971275250

रेखा तोमर की कहानी

ऑक्सीजन रात की बची सब्जी भरकर परांठा बनाया, रोल बनाकर मुँह में जल्दी जल्दी निगलने लगी, पापा की बात याद आई"बेटा खाना चबा चबा कर खाया करो, जल्दी पचता है" लेकिन अब जिंदगी इतनी जल्दबाजी में है कि खाना पचाने की फुर्सत किसे है? देखा जाए तो इस समय खाने से ज्यादा जरूरत तो दवाइयों की पड़ती है, वो बिस्तर पर लेटे हुए मुझे ही देख रहे थे "फिर कहीं खो गई"? "उम्मम, नही ऐसे ही" "उमा, तुम पर बोझ बनकर रह गया हूँ" आशीष के मुँह से निकली यही बात मेरे हृदय में शूल सी चुभती है, आंसुओ की धार रोकते रोकते भी  बह निकली। उनका हाथ कस कर दोनो हाथों के बीच थामा और बोली"मेरी लाइफ हो तुम, ये सब बोलकर मेरे प्यार का मज़ाक क्यो उड़ाते हो?तुमने पूरे समाज से लड़ कर मुझसे शादी की..मैं तुम्हारे लिए इन हालातों से नही लड़ सकती"? "बिल्कुल लड़ सकती हो, मेरी शेरनी हो तुम" उनके माथे पर चुम्बन दे मैं निकल पड़ी अपनी उस सस्ती सी जॉब पर जहाँ लोगो के ईमान उससे भी सस्ते है लव मैरिज की है तो परिवार सहायता के लिए साफ मना कर चुका, इनके परिवार के अनुसार मुझसे शादी की इ...

लेखकों के लिए सुनहरा अवसर (सीमित अवधि के लिए)

मात्र 5000 रुपये में अपनी 3 पुस्तकें प्रकाशित करवाएँ। ईबुक और प्रिंट दोनों रूपों में पुस्तकें प्रकाशित की जाएँगी। दोनों वर्जन - ईबुक और प्रिंट, ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।  पंजीकरण: 1 से 10 जुलाई तक आप इस हेतु पंजीकरण करवा सकते हैं। तीनों पुस्तकें आप मनचाहे अंतराल पर प्रकाशित करवा सकते हैं। प्रकाशन: ईबुक अमेज़न, गूगल बुक्स और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगी जबकि प्रिंट पोथी की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। किसी भी शंका अथवा जिज्ञासा हेतु संपर्क कीजिए: वर्जिन साहित्यपीठ 9971275250