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लघुकथा मंजूषा 5 - चयनित लघुकथाकारों की सूची

वर्जिन साहित्यपीठ सभी लेखक मित्रों का आभारी है कि उन्होंने लघुकथा मंजूषा 5 हेतु अपनी लघुकथाएँ भेजकर इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीमाओं के चलते सभी लघुकथाएं इसमें शामिल नहीं हो पाई हैं, जिसका हमें खेद है। चयनित लघुकथाकारों की सूची इस प्रकार है:

उपेंद्र सिंह
भारती कुमारी
डॉ प्रदीप उपाध्याय
अर्चना राय
लक्ष्मी मित्तल
नीलम पारीक
सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा
सुषमा सिंह चुंडावत
राजकुमार कान्दू
अंजना छलोत्रे
मीना सूद
मृणाल आशुतोष
ममता शुक्ला
हरदीप सबरवाल
कनक हरलालका
डॉ चंद्रेश कुमार छतलानी
विजयानन्द विजय
सुषमा तिवारी
सतीश राठी
ललित मिश्र
मंजू शर्मा

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चर्चित रचनाएँ

 

विजय विभोर की लघुकथाएँ

१. कुत्ता कुत्ते -------------------------- नन्ही पिंकी को ट्यूशन पर हमेशा दादी जी या मम्मी ही छोड़ने जाती थीं| लेकिन आज दोनों ही घर पर नहीं थीं| ट्यूशन का टाइम हुआ तो पिंकी ने अपना बस्ता उठाया और ट्यूशन के लिए निकल ली| झबरु ने उसे जाता देखा तो दबे पाँव उसके पीछे-पीछे हो लिया| रास्ते में कुछ लालची निगाहों ने देखा कि पिंकी आज अकेली ही चली आ रही है। लेकिन वे नज़रें झबरू को नहीं देख सकी। पिंकी अपनी मस्ती में चल रही थी इसलिए उसको भी पता नहीं चला कि उसके पीछे कौन आ रहा है, कौन नहीं| पिंकी ट्यूशन सैंटर के अंदर पहुँची तो झबरु भी वापिस घर की तरफ हो लिया, क्यूंकि घर पर कोई था नहीं| ट्यूटर ने आज दस मिनिट पहले ही क्लास खत्म कर दी| पिंकी अपने घर की तरफ निकली तो वे भूखी-लालची निगाहें अपनी दो टाँगों के सहारे उसके पीछे लग गयी। जैसे ही उन्होंने गलत इरादे से पिंकी पर हाथ डालने की कोशिश की तभी दूर से भौंकता/दौड़ता हुआ झबरु उन्हें पिंकी की तरफ आता दिखाई पड़ा। अपने प्रति किसी अनहोनी की आशंका से उस वक्त उन्होंने अपनी जान बचाकर भागने में ही भलाई समझी| २. तारों की छाँव ------------------...